Home ज्योतिष बुधवार शाम को करें ये उपाय, मिटेगी हर बाधा होंगें मालामाल 

बुधवार शाम को करें ये उपाय, मिटेगी हर बाधा होंगें मालामाल 

16

आप सोच रहे होंगें कि पूरा दिन बीतने आया है और हम आपको अब बुधवार को किए जाने वाले काम बता रहे हैं, लेकिन हम आपको बता दें कि ये उपाय ही ऐसे हैं जिन्हें शाम के वक़्त किया जाता है। सुबह से इस बारे में सोचते हुए आप अपने काम भी ठीक से नहीं कर पाते। आप तो जानते ही होंगें कि बुधवार माना जाता है श्री गणेश और बुध का वार, जी हाँ श्री गणेश जो हैं प्रथम पूज्य, जो सभी के विघ्न हरते हैं।

वैसे तो विघ्नहर्ता श्री गणेश को ख़ुद ही एक बड़े विघ्न का सामना करना पड़ा था जब उन्होंने अपने पिता महादेव से युद्ध किया था। ये कथा तो आप सभी जानते हैं लेकिन उस विघ्न के हरण होते ही श्रीगणेश को मिला प्रथम पूज्य होने का वरदान भी। श्री गणेश हमें सिखाते हैं कि अगर किसी भी तरह की बाधा आती है तो उसे हम धैर्य से जीत सकते हैं यही नहीं बल्कि उससे हम ख़ुद को और आगे बढ़ा सकते हैं। हम आपको श्री गणेश के वार में कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने वाले हैं जिनसे आपको सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा।

बुधवार की शाम को अपने घर के मंदिर में श्रीगणेश की मूर्ति या फ़ोटो के सामने लाल गुड़ का भोग चढ़ाएँ..ध्यान रहे कि गुड़ काला वाला न हो। इसे चढ़ाने के बाद एक दीपक जलाकर सामने रखें और हाथ जोड़कर कहें “हे विघ्नहर्ता मेरी सारी परेशानियों को दूर कीजिए..ये प्रार्थना करके 11 बार “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें और बाद में हाथ जोड़कर झुककर प्रणाम करें और बिना गणेश जी की मूर्ति या फ़ोटो को देखे मंदिर के सामने से हट जाएँ..ऐसे समय में मन में ये भाव रखना चाहिए कि दीपक में आपकी सारी परेशानियाँ जल रही हैं। कुछ देर बाद उस गुड़ को बाँटकर खा लें। 

बुधवार के दिन घर से रद्दी और पुराने सामान निकालना भी अच्छा होता है और घर में जिस जगह की सफ़ाई काफ़ी दिनों से न हो रही हो उस जगह को भी साफ़ करना चाहिए। बुधवार के दिन हरे मूँग का दान करना चाहिए लेकिन इसके लिए हरे मूँग को उबालकर ही किसी ग़रीब को दान करें। कच्चा मूँग दान करने पर ये धन-धान्य का दान माना जाता है और बुधवार के दिन किसी भी तरह के धन का दान नहीं करना चाहिए। दूब तोड़कर भगवान श्री गणेश को चढ़ाने से भी प्रभु प्रसन्न होते हैं। इन उपायों से भगवान गणेश को कीजिए प्रसन्न और अपनी हर बाधा, परेशानियों से मुक्ति पाइए। ऐसे ही उपायों के बारे में जानने के लिए हमसे जुड़े रहिए पढ़ते रहिए धर्मकथाएँ।